व्यस्त जीवन शैली और बढ़ती
उम्र के साथ जोड़ो के दर्द की समस्या आम हो गयी है । जैसे जैसे उम्र बढ़ती है शरीर
के
विभिन्न जोड़ घिसने लगते है ऐसी स्थिति मे जोड़ो मे दर्द रहने लगता है । घुटनो और
कन्धो मे दर्द रहने लगता है
इसके अतिरिक्त कमर हाथ ऐड़ी हाथ आदि जोड़ो मे दर्द रहता
है जैसे जैसे रोग बढ़ता है चलने फिरने मे भी भयंकर दर्द
होता है
।
यूरिक ऐसिड अम्ल जोड़ो मे जमा होने के कारण जोड़ो
मे दर्द रहने लगता है उसे गठिया (गाउटी आर्थ्रराइटिस कहा
जाता है ।
घुटनो के साथ साथ ही
कन्धो का दर्द भी बड़ी तेजी से बढ़ रहा है । कन्धो को घेरने वाली माँसपेशियो मे सुजन
आ
जाती है स्वाभिक रुप से कन्धो के हिलने डुलने मे भयंकर पीड़ा होती है । जोड़ो का
कार्टिलेज घिसने के बाद हड्डी
घिसनी शुरु हो जाती है और घुटने कन्धे और रीढ़ की
हड्डी मे दर्द शुरु हो जाती है यह समस्या 50 वर्ष की उम्र के
बाद शुरु होती है जोड़ो
मे हिलने डुलने मे चटखने की आवाज आती है । इसे आस्टियो आर्थराइटिस कहते है ।
इसका हम आपको चमत्कारिक घरेलू उपचार बता रहे है
।
असगन्ध नागोरी 90 ग्राम
सुरजान शीरी 90 ग्राम
सोंफ 90 ग्राम
सोंठ 30 ग्राम
जीरा 30 ग्राम
सुखा पौदीना 30 ग्राम
सनाय 30 ग्राम
काली मिर्च 5 ग्राम
रुमी मस्तगी 30 ग्राम
इन सबको कुट पीसकर चूर्ण
बना ले और सुबह शाम 3 ग्राम चूर्ण गुनगुने या सादे पानी से ले ।
दो से चार अखरोट की गिरी
सुबह या रात को दुध के साथ ले
मसाज -
तिल के तेल से मसाज करे । तिल के तेल को गर्म करके एक से दो चम्मच तेल दर्द वाले
स्थान पर डाले
और हल्के हाथो से धीरे धीरे मसाज करे । मसाज जब तक करे जब तक तेल
सुख न जाये।
या
दर्द का चम्तकारी तेल से भी आप मालिस कर सकते है
। (इसको गर्म नही करन है)
अपना पेट सही रखे,कब्ज न हो, अपने खाने पीने का
ध्यान रखे ।
उरोक्त घरेलू उपचार अनुभव के आधार पर है अब तक
सैकड़ो लोगो को फायदा हो चुका है
ज्यादा दर्द होने पर आप अपने चिकित्सक से सलाह
ले ।